India me Company Name Approval Tips – Name Reject Hone Se Kaise Bachaye
Company Name Approval Guide 2026: RUN Form Tips, Rules aur Common Rejection Reasons
🚨 कानूनी अस्वीकरण (Legal Disclaimer)
*यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह Companies Act, 2013 और LLP Act, 2008 के तहत कंपनी/LLP के नाम आरक्षण की प्रक्रिया का एक सामान्य अवलोकन प्रदान करता है, जो 2026 तक लागू प्रावधानों पर आधारित है। कानून, नियम और नामकरण दिशानिर्देश बार-बार संशोधन के अधीन हैं। यह सामग्री पेशेवर कानूनी सलाह का विकल्प नहीं है। उद्यमियों को अपनी विशिष्ट स्थिति के अनुरूप सलाह के लिए एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी या कानूनी व्यवसायी से परामर्श करना चाहिए।*
1. कार्यकारी स्तर का परिचय (Executive-Level Introduction)
जब विवेक ने अपनी कंपनी रजिस्टर करने का प्लान बनाया, तो उसे लगा सबसे ईज़ी काम कंपनी का नाम रखना होगा। दिमाग में पहले से 3-4 स्मार्ट नेम्स रेडी थे। लेकिन जब MCA पोर्टल पर अप्लाई किया, तो नाम रिजेक्ट हो गया। रीज़न सिंपल था – कंपनी नेम अप्रूवल का अपना लॉजिक और रूल्स होते हैं।
बिजनेस पर असर (Business Impact):
यह सिर्फ विवेक की कहानी नहीं है, बल्कि हर उस उद्यमी की रियलिटी है जो पहली बार कंपनी रजिस्टर कर रहा है। कंपनी का नाम आपके बिजनेस की पहचान होता है। यह न सिर्फ आपके ब्रांड को रिप्रेजेंट करता है, बल्कि कानूनी तौर पर भी बहुत महत्वपूर्ण है। गलत नाम चुनने या प्रक्रिया न समझने की वजह से नाम रिजेक्ट हो सकता है, जिससे रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में देरी होती है और अनावश्यक खर्च बढ़ता है। 2026 में MCA ने नाम आरक्षण प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है, जिससे पहले से सही जानकारी होना और भी जरूरी हो गया है।
कंपनी नेम अप्रूवल क्या है? (What is Company Name Approval?)
इंडिया में कोई भी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, LLP या OPC रजिस्टर करने से पहले आपको MCA पोर्टल पर कंपनी का नाम अप्रूव करवाना होता है। यह प्रोसेस RUN (Reserve Unique Name) के थ्रू होता है . सरकार यह चेक करती है कि:
- नाम यूनिक हो
- किसी एक्जिस्टिंग कंपनी या ट्रेडमार्क से मैच न करे
- पब्लिक को कन्फ्यूज न करे
- नाम कंपनी के बिजनेस नेचर से मेल खाता हो
इसलिए सिर्फ अट्रैक्टिव नाम होना इनफ नहीं होता।
2. कंपनी नाम की संरचना (Structure of Company Name)
Companies Act, 2013 के नियम 8 के अनुसार, कंपनी के नाम की एक निश्चित संरचना होती है। इसे समझना बहुत जरूरी है:
कंपनी के नाम के चार भाग होते हैं:
| भाग | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| भाग 1: यूनिक नाम (Unique Name) | कंपनी की पहचान, ब्रांड नाम | टेकसोल्यूशन, ग्रीनएनर्जी, स्मार्टइनोवेशन |
| भाग 2: एक्टिविटी डिस्क्रिप्टर (Activity Descriptor) | बिजनेस की गतिविधि (ऑप्शनल) | कंसल्टेंसी, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग |
| भाग 3: बिजनेस स्ट्रक्चर (Business Structure) | कंपनी का प्रकार | प्राइवेट लिमिटेड, LLP, OPC |
| भाग 4: सफिक्स (Suffix) | कानूनी पहचान | Pvt Ltd, LLP, OPC |
उदाहरण:
- टेकसोल्यूशन कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड
- ग्रीनएनर्जी सोल्यूशंस LLP
- स्मार्टइनोवेशन टेक्नोलॉजीज OPC
3. कंपनी नाम के लिए जरूरी शर्तें (Essential Conditions for Company Name)
3.1 यूनिक होना चाहिए (Must be Unique)
नाम किसी मौजूदा कंपनी या LLP के नाम से मिलता-जुलता नहीं होना चाहिए। सिर्फ एक्जैक्ट मैच ही नहीं, बल्कि सिमिलर साउंडिंग नेम्स भी रिजेक्ट हो सकते हैं . MCA पोर्टल पर मौजूदा कंपनियों की लिस्ट चेक करना जरूरी है।
3.2 ट्रेडमार्क से क्लियर होना चाहिए (Should be Clear from Trademark)
अगर आपका प्रपोज़्ड नाम किसी रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मैच करता है, तो अप्रूवल लगभग इंपॉसिबल हो जाता है। ट्रेडमार्क सर्च जरूर करें।
3.3 बिजनेस एक्टिविटी से रिलेटेड होना चाहिए (Should be Related to Business Activity)
MCA अथॉरिटी यह भी देखती है कि कंपनी का नाम उसके बिजनेस नेचर से रिलेटेड हो। उदाहरण के लिए:
- अगर IT कंपनी है, तो टेक रिलेटेड वर्ड होना बेटर है
- अगर मैन्युफैक्चरिंग है, तो कम्पलीटली अनरिलेटेड नाम अवॉइड करें
3.4 अप्रूव्ड सफिक्स का यूज करें (Use Approved Suffix)
कंपनी टाइप के अकॉर्डिंग सफिक्स बहुत इम्पॉर्टेंट होता है:
- प्राइवेट लिमिटेड कंपनी – “प्राइवेट लिमिटेड” या “Pvt Ltd”
- लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप – “LLP” या “Limited Liability Partnership”
- वन पर्सन कंपनी – “OPC” या “One Person Company”
गलत सफिक्स या मिसिंग सफिक्स भी रिजेक्शन का रीजन बन सकता है।
4. रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स और स्पेशल अप्रूवल (Restricted Words and Special Approval)
कुछ वर्ड्स के लिए स्पेशल अप्रूवल चाहिए होता है। अगर आप बिना परमिशन के इन वर्ड्स का यूज करते हो, तो नाम रिजेक्ट हो जाता है:
| कैटेगरी | वर्ड्स के उदाहरण | जरूरी अप्रूवल |
|---|---|---|
| सरकारी/राजकीय | Government, State, National, India, Central | संबंधित मंत्रालय/विभाग से NOC |
| वित्तीय संस्थान | Bank, Insurance, Finance, NBFC | RBI/IRDA से NOC |
| नियामक संस्थान | SEBI, RBI, IRDA | संबंधित नियामक से NOC |
| कानूनी प्रोफेशन | Advocate, Lawyer, Chartered Accountant | संबंधित प्रोफेशनल बॉडी से NOC |
| चिकित्सा | Doctor, Hospital, Medical | संबंधित स्वास्थ्य विभाग से NOC |
| रक्षा/सुरक्षा | Defense, Security, Police | गृह मंत्रालय से NOC |
नोट: अगर आपके बिजनेस का नेचर इन शब्दों को इस्तेमाल करने की मांग करता है, तो पहले संबंधित अथॉरिटी से अप्रूवल लेना होगा और वह NOC RUN फॉर्म के साथ अटैच करना होगा।
5. स्टेप-बाय-स्टेप नाम चुनने की प्रक्रिया (Step-by-Step Name Selection Process)
स्टेप 1: ब्रेनस्टॉर्मिंग और शॉर्टलिस्टिंग
- 3-5 यूनिक और मीनिंगफुल नाम शॉर्टलिस्ट करें
- ब्रांड वैल्यू वाले नाम चुनें
- 2-3 वर्ड्स का क्लीन स्ट्रक्चर रखें
स्टेप 2: MCA पोर्टल पर मौजूदा नाम चेक करें
- MCA पोर्टल पर MCA Master Data या Company Master Data से मौजूदा कंपनियों के नाम सर्च करें
- सिमिलर नाम चेक करें (एक्जैक्ट मैच + सिमिलर साउंडिंग)
- लिंक: https://www.mca.gov.in/content/mca/global/en/mca/master-data.html
स्टेप 3: ट्रेडमार्क डेटाबेस चेक करें
- IP India पोर्टल पर ट्रेडमार्क सर्च करें
- लिंक: https://ipindiaonline.gov.in/tmrpublicsearch/
- चेक करें कि कहीं आपका नाम किसी रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से तो मैच नहीं करता
स्टेप 4: रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स चेक करें
- चेक करें कि आपके नाम में कोई रिस्ट्रिक्टेड वर्ड तो नहीं है
- अगर है, तो क्या आपके पास उसके लिए स्पेशल अप्रूवल है?
स्टेप 5: 2-3 ऑप्शनल नाम रेडी रखें
- प्राथमिकता क्रम में 2-3 नाम रखें
- RUN फॉर्म में ये सब दर्ज करें
6. RUN फॉर्म भरने का प्रोसेस (Process of Filling RUN Form)
RUN (Reserve Unique Name) फॉर्म MCA पोर्टल पर ऑनलाइन फाइल किया जाता है :
स्टेप 1: MCA पोर्टल पर लॉगिन करें
- वेबसाइट: https://www.mca.gov.in
- “MCA Services” पर क्लिक करें
- “RUN (Reserve Unique Name)” सेलेक्ट करें
स्टेप 2: कंपनी का टाइप सेलेक्ट करें
- कंपनी (Pvt Ltd/OPC) या LLP
स्टेप 3: नाम की जानकारी भरें
- प्रस्तावित नाम (Proposed Name)
- नाम का मतलब (Meaning of Name)
- मुख्य उद्देश्य (Principal Objects)
- बिजनेस एक्टिविटी का डिटेल
स्टेप 4: स्पेशल अप्रूवल की जरूरत हो तो NOC अटैच करें
- अगर रिस्ट्रिक्टेड वर्ड हैं, तो संबंधित अथॉरिटी का NOC अटैच करें
स्टेप 5: फीस पेमेंट करें
- ₹1,000 (दो नामों के लिए)
स्टेप 6: सबमिट करें और SRN नोट करें
- सबमिट करने के बाद SRN (Service Request Number) मिलेगा
- इससे स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं
प्रोसेसिंग टाइम: आमतौर पर 2-3 कार्य दिवस
नाम की वैलिडिटी: अप्रूव होने के बाद 20 दिनों के लिए नाम आरक्षित रहता है
7. टिप्स: नाम अप्रूवल के चांस कैसे बढ़ाएं (Tips to Increase Name Approval Chances)
टिप 1: सिंपल और यूनिक नाम चूज करो (Choose Simple and Unique Name)
विवेक ने पहली गलती यह की थी कि उसने बहुत कॉमन वर्ड्स यूज कर लिए थे। जैसे “इंडिया”, “ग्लोबल”, “नेशनल”। बेटर अप्रोच यह है:
- यूनिक वर्ड कॉम्बिनेशन यूज करो
- ब्रांड-स्टाइल नाम रखो
- 2-3 वर्ड्स का क्लीन स्ट्रक्चर रखो
- शॉर्ट और मीनिंगफुल नेम्स के अप्रूव होने के चांस ज्यादा होते हैं
टिप 2: एक्जिस्टिंग कंपनी नेम सर्च जरूर करो (Must Search Existing Company Names)
नाम अप्लाई करने से पहले MCA पोर्टल पर पब्लिक सर्च जरूर करो। इससे पता चल जाता है कि:
- सिमिलर नाम पहले से एक्जिस्ट करता है या नहीं
- स्पेलिंग या प्रोनंसिएशन मैच हो रहा है या नहीं
- सिर्फ एक्जैक्ट मैच ही नहीं, सिमिलर साउंडिंग नेम्स भी रिजेक्ट हो सकते हैं
टिप 3: ट्रेडमार्क कन्फ्लिक्ट अवॉइड करो (Avoid Trademark Conflict)
यह एक बहुत कॉमन मिस्टेक है। अगर आपका प्रपोज़्ड नाम किसी रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मैच करता है, तो अप्रूवल लगभग इंपॉसिबल हो जाता है। इसलिए:
- ट्रेडमार्क सर्च जरूर करो
- अगर ब्रांड बिल्ड करना चाहते हो, तो पहले ट्रेडमार्क अप्लाई करो
- जेनेरिक वर्ड्स से बचो
टिप 4: बिजनेस एक्टिविटी से मैच करता हुआ नाम रखो (Name Should Match Business Activity)
MCA अथॉरिटी यह भी देखती है कि कंपनी का नाम उसके बिजनेस नेचर से रिलेटेड हो। उदाहरण के लिए:
- अगर IT कंपनी है, तो टेक रिलेटेड वर्ड होना बेटर है
- अगर मैन्युफैक्चरिंग है, तो कम्पलीटली अनरिलेटेड नाम अवॉइड करो
- नाम और ऑब्जेक्ट मिसमैच होने पर रिजेक्शन आ सकता है
टिप 5: रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स का यूज न करे (Avoid Restricted Words)
कुछ वर्ड्स के लिए स्पेशल अप्रूवल चाहिए होता है, जैसे:
- बैंक, इंश्योरेंस, गवर्नमेंट, इंडिया, आरबीआई, सेबी
अगर आप इन वर्ड्स का यूज बिना परमिशन के करते हो, तो नाम रिजेक्ट हो जाता है।
टिप 6: करेक्ट सफिक्स का यूज करो (Use Correct Suffix)
कंपनी टाइप के अकॉर्डिंग सफिक्स बहुत इम्पॉर्टेंट होता है:
- प्राइवेट लिमिटेड – Pvt Ltd
- लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप – LLP
- वन पर्सन कंपनी – OPC
गलत सफिक्स या मिसिंग सफिक्स भी रिजेक्शन का रीजन बन सकता है।
टिप 7: एक से ज्यादा नेम ऑप्शन्स रेडी रखो (Keep Multiple Name Options Ready)
विवेक ने सेकंड अटेम्प्ट में यह स्मार्ट मूव किया। उसने 2 अल्टरनेटिव नेम्स भी सबमिट किए। इससे फायदा यह होता है:
- अगर फर्स्ट नाम रिजेक्ट हो, तो प्रोसेस डिले नहीं होता
- अप्रूवल चांस बढ़ जाते हैं
- टाइम और फीस दोनों सेव होते हैं
8. कॉमन रीजन्स जिनकी वजह से नाम रिजेक्ट होता है (Common Reasons for Name Rejection)
| रीजन | विवरण | कैसे बचें |
|---|---|---|
| एक्जिस्टिंग कंपनी से सिमिलर नाम | किसी मौजूदा कंपनी के नाम से मिलता-जुलता नाम | MCA पोर्टल पर पहले सर्च करें |
| ट्रेडमार्क कन्फ्लिक्ट | रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क से मैच | IP India पोर्टल पर ट्रेडमार्क सर्च करें |
| जेनेरिक वर्ड्स | बहुत कॉमन या डिस्क्रिप्टिव नाम (जैसे “सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस”) | यूनिक और क्रिएटिव नाम चुनें |
| रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स | बिना अप्रूवल के रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स का यूज | रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स से बचें या NOC लें |
| बिजनेस एक्टिविटी से मिसमैच | नाम कंपनी के बिजनेस नेचर से मेल नहीं खाता | नाम और बिजनेस एक्टिविटी का रिलेशन सुनिश्चित करें |
| गलत सफिक्स | Pvt Ltd की जगह LLP लिखना, या सफिक्स मिसिंग | सही सफिक्स का यूज करें |
| अपमानजनक/अश्लील शब्द | कोई भी शब्द जो पब्लिक को ऑफेंड कर सकता है | प्रोफेशनल और डिसेंट नाम चुनें |
| भौगोलिक नाम | अकेले किसी शहर/राज्य के नाम का यूज (जैसे “मुंबई ट्रेडर्स”) | भौगोलिक नाम के साथ यूनिक वर्ड जोड़ें |
| प्रोहिबिटेड वर्ड्स | सरकार द्वारा बैन किए गए शब्द | प्रोहिबिटेड वर्ड्स की लिस्ट चेक करें |
9. अप्रूव्ड नाम के बाद क्या करें (What to Do After Name Approval)
एक बार नाम अप्रूव हो जाने के बाद:
1. नाम 20 दिनों के लिए आरक्षित (Name Reserved for 20 Days)
अप्रूव्ड नाम 20 दिनों के लिए आरक्षित रहता है। इस अवधि के भीतर आपको SPICe+ या FiLLiP फॉर्म फाइल करके कंपनी रजिस्टर करानी होगी .
2. एक्सटेंशन (Extension)
अगर 20 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता, तो नाम की वैलिडिटी 20 दिन और बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए अलग से फीस देनी होती है।
3. नाम में बदलाव (Change in Name)
अगर रजिस्ट्रेशन के बाद नाम बदलना हो, तो फॉर्म INC-24 फाइल करना होता है और नाम बदलने की प्रक्रिया से गुजरना होता है।
10. अलग-अलग बिजनेस स्ट्रक्चर के लिए नामकरण नियम (Naming Rules for Different Business Structures)
प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Pvt Ltd)
- सफिक्स: “प्राइवेट लिमिटेड” या “Pvt Ltd” अनिवार्य
- नाम की संरचना: [यूनिक नाम] + [एक्टिविटी डिस्क्रिप्टर] + प्राइवेट लिमिटेड
- उदाहरण: टेकसोल्यूशन कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड
लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP)
- सफिक्स: “LLP” या “Limited Liability Partnership” अनिवार्य
- नाम की संरचना: [यूनिक नाम] + [एक्टिविटी डिस्क्रिप्टर] + LLP
- उदाहरण: ग्रीनएनर्जी सोल्यूशंस LLP
वन पर्सन कंपनी (OPC)
- सफिक्स: “OPC” या “One Person Company” अनिवार्य
- नाम की संरचना: [यूनिक नाम] + [एक्टिविटी डिस्क्रिप्टर] + OPC
- उदाहरण: स्मार्टइनोवेशन टेक्नोलॉजीज OPC
पब्लिक लिमिटेड कंपनी
- सफिक्स: “लिमिटेड” या “Ltd” अनिवार्य
- नाम की संरचना: [यूनिक नाम] + [एक्टिविटी डिस्क्रिप्टर] + लिमिटेड
11. अलग-अलग इंडस्ट्री के लिए नाम के उदाहरण (Name Examples for Different Industries)
टेक्नोलॉजी/IT:
- टेकसोल्यूशन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड
- कोडक्राफ्ट सॉफ्टवेयर LLP
- डिजिटलवेव टेक्नोलॉजीज OPC
मैन्युफैक्चरिंग:
- प्रेसिजन एंजीनियरिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड
- ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रीज LLP
- नेचरल प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग OPC
ट्रेडिंग/कॉमर्स:
- ग्लोबल मर्चेंट ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड
- सिटी मार्ट LLP
- होमनीड क्राफ्ट्स OPC
सर्विसेज:
- प्रोफेशनल कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
- स्मार्ट एजुकेशन LLP
- वेलनेस केयर OPC
12. वास्तविक दुनिया के व्यावहारिक परिदृश्य (Real-World Practical Scenarios)
परिदृश्य 1: विवेक की कहानी (Scenario 1: Vivek’s Story)
- पृष्ठभूमि: विवेक ने IT कंपनी के लिए “इंडियन टेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड” नाम अप्लाई किया।
- रिजेक्शन रीजन: यह नाम पहले से मौजूद था और “इंडियन” रिस्ट्रिक्टेड वर्ड है।
- दूसरा अटेम्प्ट: उसने “टेकगुरु इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड” अप्लाई किया, जो यूनिक था और अप्रूव हो गया।
- सबक: नाम में जेनेरिक और रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स से बचें।
परिदृश्य 2: ट्रेडमार्क कन्फ्लिक्ट (Scenario 2: Trademark Conflict)
- पृष्ठभूमि: एक स्टार्टअप ने “अमेजन टेक प्राइवेट लिमिटेड” नाम अप्लाई किया।
- रिजेक्शन रीजन: “अमेजन” एक रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क है और एक जानी-मानी कंपनी का नाम है।
- सबक: किसी बड़े ब्रांड या रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क के नाम से मिलता-जुलता नाम न रखें।
परिदृश्य 3: बिजनेस एक्टिविटी से मिसमैच (Scenario 3: Mismatch with Business Activity)
- पृष्ठभूमि: एक कंपनी ने “ग्रीन फार्मा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड” नाम अप्लाई किया, लेकिन बिजनेस एक्टिविटी IT कंसल्टेंसी थी।
- रिजेक्शन रीजन: नाम और बिजनेस एक्टिविटी में कोई रिलेशन नहीं था।
- सबक: नाम आपके बिजनेस नेचर से मेल खाना चाहिए।
परिदृश्य 4: स्पेलिंग में गलती (Scenario 4: Spelling Mistake)
- पृष्ठभूमि: एक उद्यमी ने “इनोवेटिव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड” नाम अप्लाई किया, लेकिन स्पेलिंग गलत थी – “इनोवेटीव”।
- रिजेक्शन रीजन: स्पेलिंग एरर के कारण नाम रिजेक्ट हो गया।
- सबक: स्पेलिंग डबल-चेक करें।
13. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs – Frequently Asked Questions)
प्रश्न 1: क्या मैं किसी और के ब्रांड नाम के जैसा नाम रख सकता हूं?
उत्तर: नहीं, किसी रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क या मौजूदा कंपनी के नाम से मिलता-जुलता नाम नहीं रख सकते। यह कानूनन गलत है और नाम रिजेक्ट होगा।
प्रश्न 2: क्या नाम अप्रूव होने के बाद उसे बदल सकते हैं?
उत्तर: हां, नाम अप्रूव होने के बाद रजिस्ट्रेशन से पहले नहीं बदल सकते। अगर बदलना है, तो नया नाम अप्लाई करना होगा और पुराना नाम छोड़ना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद नाम बदलने के लिए फॉर्म INC-24 फाइल करना होता है।
प्रश्न 3: क्या मैं अपने नाम पर कंपनी रजिस्टर कर सकता हूं?
उत्तर: हां, आप अपने नाम पर कंपनी रजिस्टर कर सकते हैं, जैसे “राहुल शर्मा प्राइवेट लिमिटेड”। लेकिन यह नाम यूनिक होना चाहिए और किसी मौजूदा कंपनी से मैच नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 4: नाम अप्रूवल में कितना समय लगता है?
उत्तर: आमतौर पर 2-3 कार्य दिवस लगते हैं। कभी-कभी ज्यादा समय भी लग सकता है अगर नाम कॉम्प्लेक्स हो या जांच की जरूरत हो।
प्रश्न 5: नाम अप्रूवल की फीस कितनी है?
उत्तर: RUN फॉर्म के लिए फीस ₹1,000 है। इसमें आप दो नाम सुझा सकते हैं।
प्रश्न 6: अगर मेरा पहला नाम रिजेक्ट हो जाए तो क्या होगा?
उत्तर: अगर पहला नाम रिजेक्ट हो जाता है, तो दूसरे नाम पर विचार किया जाता है (अगर आपने दूसरा नाम दिया है)। अगर दोनों रिजेक्ट हो जाते हैं, तो आपको नया RUN फॉर्म फाइल करना होगा।
प्रश्न 7: क्या मैं नाम अप्रूवल के बाद कंपनी का बिजनेस बदल सकता हूं?
उत्तर: हां, आप कंपनी रजिस्टर करने के बाद बिजनेस बदल सकते हैं, लेकिन अगर नाम बिजनेस एक्टिविटी से बहुत अलग है, तो नाम बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
प्रश्न 8: क्या मैं अंग्रेजी के अलावा किसी और भाषा में कंपनी का नाम रख सकता हूं?
उत्तर: हां, आप संस्कृत या क्षेत्रीय भाषाओं में भी नाम रख सकते हैं, लेकिन उसे रोमन स्क्रिप्ट (अंग्रेजी) में लिखना होगा।
प्रश्न 9: क्या मैं किसी मृत व्यक्ति के नाम पर कंपनी रजिस्टर कर सकता हूं?
उत्तर: हां, लेकिन उस व्यक्ति की सहमति नहीं ली जा सकती। ऐसे में नाम अप्रूवल मुश्किल हो सकता है अगर वह नाम किसी ब्रांड से जुड़ा हो।
प्रश्न 10: क्या मैं किसी दूसरे देश की कंपनी के नाम जैसा नाम रख सकता हूं?
उत्तर: हां, लेकिन अगर वह कंपनी भारत में भी रजिस्टर है या उसका ट्रेडमार्क भारत में रजिस्टर है, तो आपका नाम रिजेक्ट हो सकता है।
प्रश्न 11: नाम अप्रूवल के लिए कितने नाम सुझा सकते हैं?
उत्तर: एक RUN फॉर्म में आप अधिकतम 2 नाम सुझा सकते हैं (प्राथमिकता क्रम में)।
प्रश्न 12: अगर नाम अप्रूव हो गया, लेकिन मैंने उस नाम से कंपनी रजिस्टर नहीं कराई तो?
उत्तर: नाम सिर्फ 20 दिनों के लिए आरक्षित रहता है। अगर आप 20 दिनों में कंपनी रजिस्टर नहीं कराते, तो नाम फिर से दूसरों के लिए उपलब्ध हो जाता है। एक्सटेंशन ले सकते हैं।
प्रश्न 13: क्या मैं किसी सेलिब्रिटी के नाम पर कंपनी रजिस्टर कर सकता हूं?
उत्तर: नहीं, बिना उनकी अनुमति के किसी सेलिब्रिटी या पब्लिक फिगर के नाम पर कंपनी रजिस्टर नहीं कर सकते। यह ट्रेडमार्क उल्लंघन हो सकता है।
प्रश्न 14: नाम अप्रूवल के बाद क्या मैं उस नाम का ट्रेडमार्क रजिस्टर करा सकता हूं?
उत्तर: हां, नाम अप्रूवल के बाद आप उसी नाम का ट्रेडमार्क रजिस्टर करा सकते हैं। बल्कि, यह करना चाहिए ताकि आपका ब्रांड सुरक्षित रहे।
प्रश्न 15: अगर मेरा नाम रिजेक्ट हो गया, तो फीस वापस मिलेगी?
उत्तर: नहीं, RUN फॉर्म की फीस नॉन-रिफंडेबल है। रिजेक्शन होने पर भी फीस वापस नहीं मिलती।
14. निष्कर्ष (Conclusion)
विवेक को सेकंड ट्राई में अप्रूवल मिल गया, क्योंकि उसने सही स्ट्रैटजी फॉलो की। इंडिया में कंपनी नेम अप्रूवल सिर्फ क्रिएटिविटी का गेम नहीं है, बल्कि रूल्स और लॉजिक का कॉम्बिनेशन है।
कंपनी नाम चुनने के लिए चेकलिस्ट:
- नाम यूनिक है – MCA पोर्टल पर सर्च करके चेक किया
- ट्रेडमार्क से कन्फ्लिक्ट नहीं – IP India पोर्टल पर सर्च किया
- रिस्ट्रिक्टेड वर्ड्स नहीं हैं (या NOC है)
- बिजनेस एक्टिविटी से मैच करता है
- सही सफिक्स का यूज किया है (Pvt Ltd/LLP/OPC)
- 2-3 ऑप्शनल नाम रेडी हैं
- नाम छोटा और मीनिंगफुल है
- किसी ब्रांड या सेलिब्रिटी से कन्फ्लिक्ट नहीं है
अगर आप स्मार्ट प्लानिंग के साथ नाम चूज करते हो, प्रॉपर सर्च करते हो और गाइडलाइन्स फॉलो करते हो, तो अप्रूवल फर्स्ट अटेम्प्ट में मिल सकता है।
विवेक ने अपनी गलतियों से सीखा और अब उसकी कंपनी “टेकगुरु इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड” नाम से सफलतापूर्वक चल रही है। अगर आप भी कंपनी रजिस्टर करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन टिप्स को फॉलो करें और अपना सही नाम पाएं।
🚨 कानूनी अस्वीकरण (Legal Disclaimer)
*यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह Companies Act, 2013 और LLP Act, 2008 के तहत कंपनी/LLP के नाम आरक्षण की प्रक्रिया का एक सामान्य अवलोकन प्रदान करता है, जो 2026 तक लागू प्रावधानों पर आधारित है। कानून, नियम, नामकरण दिशानिर्देश और सरकारी नीतियां बार-बार संशोधन के अधीन हैं और बिना किसी पूर्व सूचना के बदल सकती हैं। यह सामग्री पेशेवर कानूनी सलाह का विकल्प नहीं है। उद्यमियों को अपनी विशिष्ट स्थिति के अनुरूप सलाह के लिए एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी या कानूनी व्यवसायी से परामर्श करना चाहिए और सबसे वर्तमान कानूनी स्थिति के लिए आधिकारिक MCA पोर्टल और अधिसूचनाओं का संदर्भ लेना चाहिए।*
Vivek Bhargava is a business and legal content researcher who writes simplified guides on Indian startup laws, taxation, and compliance requirements. His goal is to help entrepreneurs understand complex legal topics in a clear and practical way.
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